Archive for August, 2007

बेरोजगारी के बारे में

August 27, 2007

आजु देश में बेरोजगारी के बारे में बतियावे वाला लोग के कमी नईखे. कमी बा तऽ ओह लोग के जे साँच कहि सको. ई कहि सको कि देश में बेरोजगार नईखन नालायक बाड़न जेकरा के नौकरी ना दिहल जा सके.
कवनो उद्यमी से पूछ के देख लिहीं, ऊ ईहे कही कि काम लायक आदमी नईखन भेंटात. हर उद्यमी, हर बिजनेसवाला परेशान बा कि ओकरा काम करे वाला आदमी भेंटा जाव.
जे चपरासियो बने लायक नईखे से मैनेजर के नौकरी खोजत बा. जे क्लर्को बने लायक से आईएएस के कम्पीटीशन में भाग लेत बा. जे सिपाहियो लायक नईखे से आईपीएस बने के सपना देखत बा. सपना देखे में कवनो हरजा नईखे. जवन सपना मन करे तवन देखीं. बाकिर बाद में ओह सपना के पूरा करे खातिर जवन लगन आ मेहनत जरूरी बा तवन कर के देखाईं.
पूर्वाञ्चल भा बिहार का भीतरी हिस्सा में चलि जाईं तऽ देखम कि जेकरा लिखहूँ ना आवे ऊ डाक्टरी कर रहल बाटे. आपरेशन कर रहल बाटे. हम ओकर समर्थन नईखीं करत बाकिर ई उदाहरण एह खातिर देत बानीं कि ऊ एगो सपना देखलसि कि डाक्टर बनब. पढ़ाई कर ना सकल रहुवे से कवनो डाक्टर का संगे काम करिके सीखलस. बाद में धीरे धीरे उनुकर सहायक बनल. आपरेशन में हाथ धोवे लागल. नजर डाक्टर साहब का अंगुरी पर, हर गतिविधि पर रखलसि. फेर एक दिन कवनो मौका देखि के कतहीं आपरेशन करे के शुरू करि दिहलसि. ऊ अपना सपना खातिर काम कईलस आ योग्यता ना रहला का बावजूदो अपना सपना के पूरा करि लिहलसि.
बाकिर अधिकतर लोग के देखम तऽ खाली सपना देखे वाला लोग भेंटाई. ओह लोग का लगे कबो खाली टाईम ना मिली कि ऊ कवनो काम खातिर ज्ञान अर्जित करि सको. खैनी बनावत, खात, दोस्तन का संगे ताश खेलत, चट्टी चौपाल पर बतकही करत आपन टाईम बरबाद करत रही लोग. पूछला पर कही लोग कि का करीं कतहीं कामे नईखे मिलत !
रउरो ओहीमें के त ना हईं ?
जवन काम बढ़िया लागत होखे तवने में भिड़ जाई. ओहीमें आपन योग्यता निखारत रहीं. याद राखीं
करत करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान,
रसरी आवत जात ते सिल पर पड़त निशान,
केहू पेटे में से योग्यता ले के ना आवे. ऐही दुनिया में अपना लगन इ मेहनत से सीखे के पड़ेला. संयोग से आपन देश अब पुरनका जमाना वाला सोशलिस्टपंथी नइखे रहि गईल. मुक्त अर्थव्यवस्था के राह पर चल निकलल बा. रउरा आजाद बानीं सपना देखे खअतिर आ फेर ओह सपना के पूरा करे के प्रयास करे खातिर.

राउर,
राठौर छपरहिया

असैनिक परमाणु समझौता

August 20, 2007

आजु काल्ह भारत आ अमेरिका का बीच भईल असैनिक परमाणु समझौता पर बड़ा बवाल खड़ा हो गईल बा. आईं जानल जाव कि ऐह समझौता में बा का आ काहे एकर विरोध हो रहल बा.

आजु तकले भारत के हालत गाँव के छँटुआ के तरह रहल हऽ जेकरा से केहू रोटी पानी के संबंध ना राखे.

भारत सबका के ठेंगा देखावत आपन परमाणु कार्यक्रम चलावत रहल हऽ १९७४ में इन्दिरा गाँधी आ १९९८ में अटल बिहारी बाजपेयी सरकार पोखरण में अणुबम विस्फोट करि के पुरा दुनिया में अपना आणविक ताकत आ सोचि के प्रदर्शन कईले रहुवे. अटल बिहारी सरकार के परमाणु विस्फोट के तऽ अमेरिका के भनको ना मिल पावल रहुवे. ओकरा बाद पूरा संसार के आणविक शक्ति सम्पन्न देश भारत का खिलाफ प्रतिबन्ध लगा दिहलें. भारत सरकार प्रतिबन्ध से तनिको ना घबड़ाईल आ दुनिया के देखा दिहलसि कि भारत आपन सुरक्षा का सवाल पर हर बन्दिश से टकराये के ताकत राखेला. बाद में धीरे धीरे पूरा दुनिया, चीन आ पाकिस्तान छोड़ के, आ चीन के मानसपुत्र भारत के कम्यूनिष्टन के छोड़ि के, मान गइल कि भारत पर प्रतिबन्ध से ना समझौता करिके रहल नीक रही. बाजपेयी सरकार अमेरिका का संगे असैनिक परमाणु समझौता का तरफ पहिलका कदम उठवलसि जवना के बाद में मनमोहन सरकार परिणति पर चहुँपवलसि. भाजपा के खुन्नस बा कि ओकरा इ मौका ना मिल पावल. एहीसे ऊ एह समझौता में खोट खोज रहल बा. कम्यूनिष्ट तऽ वईसहूं चीन में बईठल अपना आका लोग का कहला पर चलेलें, देश हितपर सोचि के ना. एह समझौता से चीन के परेशानी ढेर बढ़ि गईल बा आ एहिसे अपना देश के कम्यूनिष्ट एह समझौता के रद्द करावे पर भिड़ल बाड़न.

एह समझौता में अईसनका कुछुवो नईखे जवना से देश के डेराये के जरूरत होखे. परमाणु परीक्षण पर हमनी का अपनहीं एकतरफा रोक लगवले बानीं. आ आजु का जमाना में परमाणु परीक्षण खातिर बम फोड़ल जरूरी नईखे. लैब में बईठके कम्प्यूटर पर सिमुलेट करिके ढेरे जानकारी पावल जा सकेला. दोसरो अणविक ताकत ईहे करत बाड़न.

भारत अपना सैनिक आणविक संस्थानन के एह समझौता से बाहर रखवावे में सफल रहल बा. दोसरे अणु ईंधन के फेर से इस्तेमाल करे के आ संवर्धन करे के अधिकारो बचाल लिहले बा. सबले बड़हन बाति ई बा कि पूरा दुनिया अब मान लिहले बा कि भारत एगो आणविक ताकत बनि गईल बा. अब केहू ओकरा पर एनपीटी साईन करे के नईखे कहत. असैनिक आणविक जरूरत खातिर पूरा संसार आपन माल बेचे खातिर तैयार बईठल बा, चीन के छोड़ि के. चीन तऽ वईसहूँ कबो ना चाही कि भारत के ताकत बढ़ो. आ चीन अपना मकसद खातिर भारत के कम्युनिष्टन लेखा चेला पोसि पालि के ऐही खातिर रखले बा.

दुख बा तऽ बस अतने कि मनमोहन सिंह के गोड़ काँपे लागल बा. लेफ्ट पार्टियन का घुड़की से उनुकर हालत खराब हो गईल बा. अब जवन सम्भावना बचल बा उ ईहे कि
. सरकार करार पर आगा बढ़ो आ सरकार के गिर जाये देव.
. सरकार करार पर आगा मति बढ़ो आ आपन ईज्जत माटी में मिला लेव.
. कम्युनिष्ट कवनो तरह से मान जासु, जवना के तनिको उम्मेद नईखे.
. दुनू पार्टी कवनो बहाना खोज लेसु आ एगो कमेटी बना देसु जवन पूरा मामिला पर फेर से विचार करो. बाकिर करार पर काम अपना रफ्तार पर चलत रहो.
. हर हालत में संप्रग के दुर्गति तय बाटे.

कांग्रेस तनिको ना चाही कि सरकार जाव. हो सकेला कि ऊ मनमोहन सिंह के बलि दे देव ताकि कम्युनिष्टवा खुश हो जा सऽ. हो सकेला कि एही बहाने सोनिया अपने पीएम बन जासु.

अँजोरिया

August 15, 2007

भोजपुरी के पहिलका वेबसाइट शुरु करे के बेरा हमरा ई ना मालूम रहुवे कि पाँच साल का भीतरे भोजपुरी वेबसाईटन के बाढ़ आ जाई.
आज भोजपुरी के कई गो वेबसाईट बाड़ी सऽ. कुछ बहुत बढ़िया, कुछ कामचलाऊ, कुछ सब छँवड़ी झूमर पाड़े तऽ लंगड़ी कहे हमहूं वाला अन्दाज में.
अधिकतर वेबसाइट नियमित रुप से अपडेट नइखी होखत सऽ. कारण कि भोजपुरी में लिखे वाला लोग इण्टरनेट पर ना आवे, आ जे आवेला ऊ लिखत नइखे.
आज जमाना तेजी से बदलल बा. भोजपुरी भाषा भा जुबान आजु व्यापारिक फायदा के जुबान बन गईल बा. भोजपुरी सिनेमा के सफलता से एगो नया प्रवाह बहे लागल बा भोजपुरी का तरफ.
भोजपुरी के टीवी चैनलन के दौड़ो बस अब शुरु भईल कि तब वाला स्टेज में चहुँप गईल बा. बड़का बड़का लोग अब भोजपुरी खातिर पईसा लगावे के तैयार लउकत बाड़न.
तबहियों भोजपुरी भाषा आ संस्कृति खातिर समर्पित कुछ लोगन के जरूरत बा जे आपन खा के, आपन लगा के, स्वान्तः सुखाय भोजपुरी का सेवा में लागल रहो.
हम ढेर तऽ कुछ ना कह सकीं बाकिर जहाँ तक हो सकी हम भोजपुरी में लिखे वाला लोग के मार्ग दर्शन करे खातिर तईयार बानीं. भोजपुरी में लोखल बड़ा आसान बा. बस आपन हिचक तूड़ीं. की बोर्ड पर बईठीं. कुछ जरूरी साफ्टवेयर लोड करीं आ बस आपन ब्लाग शुरू कर दीं.
अनन्त शुभ कामना का साथे,
राउर,
ओपी
Anjoria.com

Hello world!

August 15, 2007

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